बिहार सरकार के कृषि विभाग द्वारा राज्य में दलहन उत्पादन एवं प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बिहार दाल मिल योजना 2026 की शुरुआत की गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत पात्र किसानों, एफपीओ (FPO), पैक्स (PACS) और युवाओं को दाल मिल स्थापित करने के लिए परियोजना लागत पर अधिकतम 33% या 25 लाख रुपये तक की भारी सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इसके लिए आधिकारिक पोर्टल पर 01 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। योजना की विस्तृत जानकारी, पात्रता शर्तें और आवेदन प्रक्रिया जानने के लिए हमारी आधिकारिक वेबसाइट mahitiupdate.in पर तुरंत विजिट करें।
योजना क्या है और इसका मुख्य उद्देश्य
बिहार में दाल उत्पादन की बहुत बड़ी संभावना है, लेकिन सही प्रोसेसिंग यूनिट्स न होने के कारण किसानों को अपनी उपज का सही भाव नहीं मिल पाता। इसी समस्या को दूर करने के लिए बिहार सरकार ने बिहार दाल मिल योजना 2026 की शुरुआत की है। इस स्कीम का सीधा मकसद राज्य में ही दाल की प्रोसेसिंग (छिलाई, पॉलिशिंग और पैकिंग) को बढ़ावा देना है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और राज्य दलहन के क्षेत्र में पूरी तरह से आत्मनिर्भर बन सकेगा।
कितनी मिलेगी सब्सिडी (अनुदान राशि)
इस योजना के तहत अगर आप दाल मिल लगाते हैं, तो सरकार कुल प्रोजेक्ट कॉस्ट का 33% तक का अनुदान (Subsidy) दे रही है। इसमें अधिकतम आर्थिक सहायता की सीमा ₹25 लाख तय की गई है। इसका मतलब यह हुआ कि अगर आपकी कुल लागत ₹75 लाख या उससे अधिक आती है, तो आपको पूरे ₹25 लाख की छूट मिलेगी। यह सब्सिडी मशीनरी, शेड निर्माण और स्टोरेज वेयरहाउस जैसी बुनियादी सुविधाओं को तैयार करने के लिए दी जाती है।
कौन-कौन कर सकता है आवेदन (पात्रता)
इस योजना का फायदा उठाने के लिए केवल आम किसान ही नहीं, बल्कि कई संगठन भी पात्र हैं।
- व्यक्तिगत आवेदक: अगर आप एक युवा या किसान हैं, तो आपकी उम्र कम से कम 21 वर्ष होनी चाहिए और प्रोजेक्ट में कम से कम 15% खुद का पैसा लगाने की क्षमता होनी चाहिए।
- संस्थायें: किसान उत्पादक संगठन (FPO), प्राथमिक कृषि साख समिति (PACS) और संकुल स्तरीय संघ (CLF) सीधे अप्लाई कर सकते हैं। शर्त बस इतनी है कि ये संस्थाएं कम से कम 2 साल पुरानी और पंजीकृत होनी चाहिए।
आवश्यक दस्तावेज और कागजात
फॉर्म भरते समय आपके पास सभी ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स तैयार होने चाहिए ताकि आवेदन रिजेक्ट न हो:
- आधार कार्ड और किसान पहचान पत्र (DBT Reg. Number)
- जमीन के कागजात (जमाबंदी/रसीद या कम से कम 10 साल का रजिस्टर्ड लीज एग्रीमेंट)
- डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR)
- बैंक लोन का अप्रूवल लेटर या सैंक्शन लेटर
- एफपीओ/पैक्स के लिए रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और पैन कार्ड
- पासपोर्ट साइज फोटो और एक्टिव मोबाइल नंबर
मशीन और प्लांट की क्षमता संबंधी शर्तें
सरकार केवल उन्हीं दाल मिलों को वित्तीय सहायता देगी जो तय मानकों पर खरी उतरेंगी। प्लांट की न्यूनतम प्रोसेसिंग क्षमता 300 किलोग्राम प्रति घंटा होनी अनिवार्य है। साथ ही, जो भी मशीनरी आप खरीदेंगे, वह BIS (भारतीय मानक ब्यूरो) द्वारा प्रमाणित होनी चाहिए। आगे चलकर व्यापार को सही तरीके से चलाने के लिए FSSAI (खाद्य सुरक्षा लाइसेंस) और लोकल बॉडी से ट्रेड लाइसेंस लेना भी ज़रूरी होगा।
किन-किन जिलों को मिलेगी प्राथमिकता
शुरुआती दौर में इस योजना को राज्य के 10 प्रमुख जिलों में प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जा रहा है। इनमें पटना, नालंदा, औरंगाबाद, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, पूर्णिया, सहरसा, सीतामढ़ी, जहानाबाद और गया शामिल हैं। इन जिलों में दाल की खेती और खपत का दायरा बड़ा है, इसलिए यहाँ यूनिट स्थापित करने वाले आवेदकों को सबसे पहले मौका और क्लीयरेंस मिलेगा।
प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) और बैंक लोन प्रक्रिया
आवेदकों को सबसे पहले एक टेक्निकल चार्टर्ड अकाउंटेंट या एग्रीकल्चर कंसल्टेंट से DPR (Detailed Project Report) बनवानी होगी। इसमें आपकी कुल जमीन, मशीनरी की कीमत, शेड बनाने का खर्च और अनुमानित कमाई का पूरा लेखा-जोखा होता है। इसी DPR के आधार पर आपको अपने बैंक से लोन की मंजूरी (Sanction) या सहमति पत्र लेना होगा। बिना बैंक अप्रूवल लेटर के आवेदन अधूरा माना जाएगा।
ऑनलाइन आवेदन करने का आसान तरीका
आवेदन की पूरी प्रोसेस पूरी तरह से डिजिटल और पारदर्शी रखी गई है:
- सबसे पहले बिहार कृषि विभाग के आधिकारिक डीबीटी पोर्टल (dbtagriculture.bihar.gov.in) पर जाएं।
- होमपेज पर ‘ऑनलाइन सेवाएं’ सेक्शन में जाकर ‘दाल मिल योजना 2026’ पर क्लिक करें।
- अपना किसान पंजीकरण नंबर डालकर फॉर्म खोलें।
- अपनी व्यक्तिगत जानकारी, जमीन का ब्योरा और बैंक डिटेल्स भरें।
- मांगी गई सभी पीडीएफ फाइल्स (DPR, बैंक लेटर, जमीन के रसीद) अपलोड करके सबमिट करें।
आवेदन करते समय ध्यान रखने योग्य सावधानियां
- अंतिम तिथि का ध्यान रखें: आवेदन की प्रक्रिया 01 अगस्त 2026 से शुरू होकर 31 अगस्त 2026 तक ही चलेगी, इसलिए अंतिम दिनों का इंतज़ार न करें।
- डॉक्यूमेंट की क्वालिटी: जो भी कागजात अपलोड करें, वे एकदम साफ और पढ़ने योग्य होने चाहिए।
- बैंक खाता: आपका बैंक अकाउंट आधार से लिंक होना चाहिए ताकि सब्सिडी राशि सीधे आपके डीबीटी (DBT) खाते में जमा हो सके।
योजना से मिलने वाले मुख्य फायदे और अवसर
अगर आप एग्री-बिजनेस या खुद का कोई बड़ा काम शुरू करने की सोच रहे हैं, तो यह आपके लिए बेस्ट चांस है। 25 लाख रुपये की सीधी सब्सिडी मिलने से आपका शुरुआती पूंजीगत जोखिम (Capital Risk) बहुत कम हो जाता है। इसके अलावा, स्थानीय स्तर पर दाल प्रोसेसिंग करके आप खुद का ब्रांड बना सकते हैं और मंडी के बिचौलियों पर निर्भर रहने के बजाय सीधे बाज़ार में बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं।
निष्कर्ष
बिहार दाल मिल योजना 2026 उन सभी युवाओं, किसानों और कृषि संगठनों के लिए एक बेहतरीन अवसर है जो एग्री-प्रिन्योरशिप (कृषि व्यवसाय) के क्षेत्र में कदम रखना चाहते हैं। 33% या ₹25 लाख तक का सरकारी अनुदान मिलने से प्रोसेसिंग यूनिट शुरू करना काफी आसान हो जाता है। अगर आपके पास ज़मीन और सही विज़न है, तो 31 अगस्त से पहले योजना का लाभ उठाने के लिए सही DPR बनाकर ऑनलाइन आवेदन ज़रूर करें।
आधिकारिक सूचना एवं महत्वपूर्ण लिंक्स
- आधिकारिक वेबसाइट: dbtagriculture.bihar.gov.in
- आवेदन की तिथियां: 01 अगस्त 2026 से 31 अगस्त 2026 तक
- हेल्पलाइन नंबर: किसी भी सहायता या प्रश्न के लिए बिहार कृषि विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-180-1551 पर संपर्क करें।
- ताज़ा अपडेट्स के लिए: योजना और सरकारी स्कीम्स की हर छोटी-बड़ी अपडेट सबसे पहले पाने के लिए mahitiupdate.in पर विज़िट करते रहें।







